कई बार शरीर की त्वचा पर त्वचा के रंग से भिन्न लकीर या धारियों के निशान पड़ने लगते हैं, इन्हे ही स्ट्रेच मार्क्स कहते हैं। सामन्यतः ये पेट पर अधिक होते हैं, परन्तु ये शरीर के किसी भी अंग की त्वचा जैसे हाथ, कोहनी के पास, पैरों की पिंडलियाँ, जांघ आदि पर भी हो सकते हैं। महिलाएं मुख्यतः इससे बहुत ही परेशान रहती है। पुरुष वर्ग भी इन निशान की समस्या से अनछुआ नहीं है। बहुत अधिक कसरत या सही कसरत ना करने पर भी शरीर पर कुछ निशान बनने लगते हैं। कई बार स्ट्रेच मार्क्स शरीर के बड़े हिस्से में भी होने लगते हैं। अगर इन पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो यह समस्या बढ़ने लगती है।

स्ट्रेच मार्क्स होने के कारण (Reason of Stretch Marks):

  • त्वचा की रचना में तीन परतें होती हैं, सबसे पहली परत अधिचर्म होती है। यह सबसे बाहरी त्वचा होती है, जिसे एपिडर्मिस (Epidermis) भी कहते हैं। इसके बाद मध्य में अंदरूनी परत, जिसे डर्मिस(dermis) कहते हैं, होती है एवं सबसे निचली परत हायपोडर्मिस (Hypodermis) होती है। मुख्यतः स्ट्रेच मार्क्स मध्यम परत में होते हैं। मध्यम परत, डर्मिस, में किसी भी तन्तु या कोशिका का खिंचाव तो स्ट्रेच मार्क्स के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • महिलाओं में प्रेगनेंसी के बाद यह समस्या आम हो गई हैं। ऑपरेशन से डिलीवरी होने के बाद तो स्ट्रेच मार्क्स होने की सम्भावना अधिक हो जाती है। ऑपरेशन के कारण पेट पर कई धारियां एवं निशान रह जाते हैं। इन्हे ही स्ट्रेच मार्क्स कहते हैं। महिलाओं के लिए इन निशान को मिटाना बहुत ही कठिन हो जाता है।
  • एक शोध में पाया गया है, कि महिलाओं में स्ट्रेच मार्क्स होने की मुख्य वजह अनुवांशिक है। अगर आपकी माताजी भी उनकी प्रेगनेंसी के दौरान स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से परेशान थी, तो आपको भी 84% तक स्ट्रेच मार्क्स होने की सम्भावना है।
  • स्ट्रेच मार्क्स होने का दूसरा कारण वजन में अचानक आई कमी या बढ़ोतरी भी है। वजन के अचानक बढ़ने या घटने से पेट की नसों में खिंचाव आने लगता है, जिसकी वजह से उस क्षेत्र का रक्तसंचार प्रभावित होता है, और उस जगह की त्वचा पर हल्के रंग के निशान बनने लगते हैं।
  • अनुवांशिक हार्मोन में बदलाव या अचानक शरीर की अवस्था में परिवर्तन होने के कारण भी स्ट्रेच मार्क्स होने लगते हैं।
  • जैसे जैसे त्वचा में खिंचाव आता है, Collagen (कोलेजन- हड्डी में पाया जाने वाला तन्तु) कमजोर पड़ता है और शरीर के हार्मोन्स के बनने के चक्र में बाधा आने लगती है और जिसके कारण सबसे ऊपरी परत एपिडर्मिस में निशान पड़ने लगते हैं। शुरुआत में यह निशान हल्के गुलाबी या लाल रंग के होते हैं परन्तु कुछ समय बाद ये चमकीली हल्के रंग की धारियां बनकर स्ट्रेच मार्क्स को जन्म देते हैं।
  • खाने में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से भी कोशिकाओं का बनना एवं बढ़ना प्रभावित होता है, जिससे खिंचाव बढ़ता है और शरीर की बाहरी त्वचा पर निशान या स्ट्रेच मार्क्स होने लगते हैं।

स्ट्रेच  मार्क्स  या  खिंचाव  के  निशान  हटाने  के  उपाय

स्ट्रेच मार्क्स को हटाने के लिए प्राकृतिक रूप से कई औषधियां तथा उपाय हैं, जिन्हे उपयोग कर के आप स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से निजात पा सकते हैं। तो आइये नजर डाले स्ट्रेच मार्क्स को हटाने के घरेलु उपायों पर:

  • पानी:

जल ही जीवन है। पृथ्वी पर रहने के लिए पानी सबसे आवश्यक है। शरीर की आधी बीमारियां पानी पीने से नष्ट हो जाती हैं। हमारे शरीर में 72% पानी की मात्रा है। डॉक्टर्स भी रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं। पानी शारीर में होने वाले हार्मोन्स के बदलाव को बराबर रखने में सहायक होता है। भरपूर पानी की मात्रा शरीर में रक्त में उपस्थित ऑक्सीजन को संयोजित रखता है, जिससे रक्तसंचार सही होता है। इसके कारण प्रत्येक तन्तु एवं कोशिकाएं सुचारू रूप से अपना कार्य करती हैं और इनमे होने वाले खिंचाव को रोकता है, जिससे किसी भी प्रकार के स्ट्रेच मार्क्स या निशान नहीं होते हैं।

  • अरण्डी का तेल (Castor oil) :

स्ट्रेच मार्क्स को हटाने के लिए अरण्डी के तेल का उपयोग भी किया जाता है। इसे 5-10 मिनट के लिए निशान पर ऊँगली से गोल घुमाकर मालिश करते हुए लगाइए और फिर उतनी जगह को किसी कपड़े से बाँध (जैसा किसी पर पट्टी बांधते हैं) कर आधे घंटे तक गुनगुने पानी की भाप दीजिये। एक महीने तक ऐस करने से निशान गायब होने लगेंगे।

  • एलोवेरा (Aloevera):

एलोवेरा मुहासे हटाने का बहुत अच्छा इलाज है. एलोवेरा त्वचा सम्बन्धी सभी परेशानी को हटाने का रामबाण इलाज है। चाहे चेहरे पर कील, मुहांसे हो, या उनके दाग, काले घेरे या किसी भी प्रकार के निशान, अलोवेरा हर मर्ज की दवा है। इसे किसी भी रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसे लगाना बहुत ही आसान है।

एलोवेरा के गुदे को निकाल कर इसे चेहरे पर लगाने से चेहरे की झाइयाँ, कालेघेरे, दाग धब्बे एवं निशान कम होने लगते हैं और चेहरा और त्वचा चमकने लगते हैं। इसे शरीर के किसी भी अंग के निशान मिटाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है ।

एलोवेरा के जैलिय तत्त्व को विटामिन-ई के कैप्सूल के तेल के साथ मिलाकर भी त्वचा के निशान पर लगाने से फायदा मिलता है।

  • अंडे की सफेदी:

अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा स्त्रोत है। अंडे की सफेदी में एमिनो एसिड और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है। जिस भी जगह पर किसी प्रकार के निशान हो, उस पर अंडे की सफेदी को 15-20 मिनट तक (जब तक सुख ना जाये) लगा कर रखिये। फिर उसे ठन्डे पानी से धो लीजिए। इसके बाद उस पर नमी के लिए जैतून का या कोई और तेल लगाइए। ऐसा रोजाना कुछ दिनों तक करने पर स्ट्रेच मार्क्स हल्के होने लगेंगे।

  • शक़्कर:

शक्कर स्वाद में जितनी मीठी होती है, स्ट्रेच मार्क्स भगाने में उतनी ही लाभदायक भी। प्रत्येक घरेलू कार्य में उपयोग की जाने वाली शक्कर आसानी से किसी भी प्रकार के दाग, निशान को मिटाने में उपयोगी है।

एक चमम्च शक्कर को कुछ बून्द बादाम के तेल तथा निम्बू के रस के साथ मिलाकर स्ट्रेच मार्क्स तथा त्वचा पर 2-3 मिनट तक लगाने से स्ट्रेच मार्क्स कम होने लगते हैं। इस मिश्रण को नहाने से पहले रोजाना एक महीने तक लगा कर देखिये, नतीजा आपके सामने होगा।

  • आलू तथा आलू का रस:

आलू में विटामिन तथा खनिज पाये जाते हैं, जो कि त्वचा की कोशिकाओं के बढ़ने में सहायक होते हैं। चूँकि शरीर पर स्ट्रेच मार्क्स के होने की मुख्य वजह शरीर के अंदर के तन्तु तथा कोशिकाओं में खिंचाव है, इसलिए इन तन्तु को सही मात्रा में को बढ़ाने के लिए आलू बहुत ही अच्छा स्त्रोत है।

आलू का एक टुकड़ा काटिये, इसे कुछ समय के लिए स्ट्रेच मार्क्स वाली जगह पर लगाइए और सूखने दीजिये। ध्यान रहे आलू का रस निशान वाली जगह पर अच्छे से फ़ैल जाए। इसके सूखने  के बाद इसे गुनगुने पानी से साफ़ कर लीजिए। कुछ ही दिनों में सभी प्रकार के निशान कम होने लगेंगे।

आलू को आँखों के नीचे होने वाले काले घेरे को कम करने के लिए भी उपयोग में लिया जाता है। इसे रोजाना चेहरे पर लगाने से चेहरे की झाइयाँ एवं झुर्रियां भी कम होने लगती है और चेहरा बेदाग़ त्वचा के साथ खिलखिलाने लगता है ।

  • निम्बू का रस:

निम्बू के भी अपने बहुत सारे फायदे होते है. निम्बू के रस का इस्तेमाल स्ट्रेच मार्क्स को कम करने का एक बहुत ही आसान उपाय है। यह प्राकृतिक रूप से अम्लीय (एसिडिक) होता है जो की त्वचा पर झाइयों, काले घेरे, कील मुहांसे आदि से होने वाले निशान को हटाने में सहायक होता है।

निम्बू के रस को प्रभावित जगह पर धीरे धीरे ऊँगली से गोल घुमाते हुए मालिश करिये। फिर इसे थोड़ी देर रहने दीजिये, ताकि त्वचा अंदर तक इसे सोंख ले। फिर गुनगुने पानी से धो लीजिए, क्योकि गुनगुने पानी के अपने ही फायदे होते है. थोड़े ही दिनों में किसी भी प्रकार का निशान छूमंतर होने लगेगा ।

निम्बू का रस तो बहुपयोगी है। इसे गुलाब जल तथा ककड़ी के रस के साथ बराबर मात्रा में मिला कर स्ट्रेच मार्क्स पर लगाने से भी फायदा होता है ।

स्ट्रेच मार्क्स हटाने के अन्य उपाय –

क्रमांक नाम उपाय
1. कोका बटर कोका बटर से रोजाना दिन में 1-2 बार मसाज करने से, ड्राई स्किन में मोइस्चर आता है, जिससे मार्क्स धीरे धीरे हटने लगते है| प्रेगनेंसी के दौरान इसे लगातार उपयोग करने से स्ट्रेच मार्क्स किस शिकायत बिलकुल नहीं होती है|
2. ओलिव आयल गर्भावस्था के दौरान ओलिव आयल लगाते रहने से स्ट्रेच मार्क्स नहीं आते है| इसके मौजूद विटामिन E स्किन के टिश्यू को ठीक करता है| ये स्किन को सॉफ्ट बनाता है|
3. एप्रीकॉट मास्क एप्रीकॉट फल का पेस्ट बनाकर, इसे स्ट्रेच मास्क वाली जगह पर लगायें, 15 min लगे रहने के बाद साफ कर लें| इसे लगातार उपयोग करने से फायदा जल्द नजर आएगा|
4. हल्दी हल्दी एक आयुर्वेदिक औषधि है| हडली में पानी या तेल डालकर पेस्ट बनायें, इसे स्ट्रेच मार्क्स पर दिन में दो बार लगायें, ये जल्दी ही कम होने लगेंगें|
5. ग्लिसरीन ग्लिसरीन में 1-2 बूँद नीम्बू के रस की मिलाएं, फिर इसे स्ट्रेच मार्क्स वाली जगह में धीरे धीरे लगायें. इसे दिन में 2 बार लगायें, इससे स्ट्रेच मार्क्स दूर होने के साथ साथ स्किन में मोइस्चर आएगा|

 

ऐसे तो प्राकृतिक उपचार से तुरंत ही फायदा मिलने लगता है, परन्तु फिर भी अगर आप स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से ग्रसित हैं तो डॉक्टर की सलाह लीजिए। ध्यान रहे बाजार में कई दवा एवं क्रीम है, जो कि स्ट्रेच मार्क्स को जड़ से मिटाने का दावा करते हैं, इन्हें बिना डॉक्टर के परामर्श के उपयोग में ना लाये।

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