सेना भर्ती में अब जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दौड़ के स्थान पर अब युवाओं को पहले लिखित परीक्षा देनी होगी। भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद सेना ने ऑनलाइन रिक्रूटमेंट प्रोसेस शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। सेना को उम्मीद है कि इसी साल 1 अप्रैल से वह इसे शुरू कर देगी और इससे पेपर लीक के मामले पर काबू पाया जा सकेगा।

कहाँ कहाँ लागू हो सकता हैं नया नियम

सेना के सूत्रों से पता चला कि शुरुआत में इसे भोपाल, जयपुर और चैन्नई में लागू किया जाएगा। फिर इसका पूरे देश में विस्तार किया जाएगा। नए सिस्टम में पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा फिर कंप्यूटर आधारित सेंटरों पर लिखित परीक्षा होगी। रजिस्ट्रेशन से नतीजे तक ऑनलाइन सिस्टम का काम आउटसोर्स किया जाएगा। सेना के एक अफसरो का कहना है कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश वहां होती है, जहां मल्टिपल एजेंसियां हो। हमने गड़बड़ियों की शंका को ध्यान में रखते हुए इसके निवारण पर पहले से ही काम करना शुरू कर दिया था। पिछले 6-9 महीने से ऑनलाइन सिस्टम में रिक्रूटमेंट प्रोसेस की तैयारी चल रही है।

प्रशासन और अभ्यर्थी दोनों को होगा फायदा

अतिरिक्त निदेशक (भर्ती) ने बताया कि नई व्यवस्था से अभ्यर्थियों को सीधे तौर पर फायदा होगा। क्योकि लिखित परीक्षा पास करने वालों को ही शारीरिक परीक्षा की तैयारी करनी होगी।अभी एक भर्ती के लिए औसतन से 40 हजार से सवा लाख युवा तैयारी करते है। वहीं संबंधित जिला प्रशासनों को भर्ती कराने में ज्यादा परेशानी नहीं आएंगी। पहले लिखित परीक्षा होने से सभी को फायदा मिलेगा।

अव्यवस्था होगी दूर

सेना की भर्तियों में अव्यवस्था भी आम मुद्दा है। सैनिक बनने की इच्छा में एक जगह जुटे हजारों युवाओं को संभालना मुश्किल हो जाता है। इस व्यवस्था में प्रतिभागियों को फिजिकल और मेडिकल टेस्ट के बाद लिखित परीक्षा देनी होती है। सेना ने इसे भी बदलने का फैसला किया है। नए सिस्टम में ऑनलाइन लिखित परीक्षा पहले होगी। इसके बाद होने वाले फिजिकल और मेडिकल टेस्ट में कैंडिडेट्स की संख्या कम होगी। लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल टेस्ट के लिए वैकेंसी के मुकाबले 7-8 गुना, जबकि मेडिकल टेस्ट के लिए 2.5 गुना कैंडिडेट बुलाए जाएंगे।

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